यादें !!
यादें !!!
कुछ यादें,
कुछ टूटी फूटी यादें,
कुछ खट्टी मीठी यादें ,
अंकित हैं स्मृति पटल पर!
चिन्हित मुद्रित अटल पर !
आती हैं कुरेदने
नींद से उठाने
छिनती हैं चैन
बावरी नैन
जागती रह जाती सारी रैन !!
यादें!!!
कुछ यादें ,
कुछ टूटी फूटी यादें,
कुछ खट्टी मीठी यादें,
जिन्हें सहेज रखा ज्यों फूल ,
कारण वो तो हैं मनोनुकूल ,
अतःमन प्रसन्न,
कभी प्रकट तो
कभी प्रच्छन्न,
सिमट कर रहती
छिन्न-भिन्न !!
यादें!!!!
कभी बरबस बरसे
कभी तन मन तरसे !!
डा भारती झा
कांटी मुज़फ़्फ़रपुर

WAW Di 👌🌹❤️
ReplyDeleteThanx
DeleteBahut sundar rachana 🌹🌹
ReplyDeleteबहुत ही उम्दा लेखनी है , निरंतर प्रयास जारी रहें 🙏
ReplyDeleteधन्यवाद गोपाल जी 😍🙏
Deleteबहुत सुंदर रचना लिखी है आप
ReplyDeleteधन्यवाद 🙏
Deleteजय महादेव 🙏